सब्जी बेचने निकल पड़े सोना-चांदी बेचने वाले व्यापारी

Gold and Vegetables
लखनऊ। लखनऊ की सड़कों पर अजब नजारा देखने को मिला जब अच्छे कपड़े पहनकर कुछ लोग सड़कों पर सब्जी बेच रहे थे तो कुछ लोग रिक्शा चलाते दिखायी दिए। सब्जी वाले को ब्राण्डेड कपड़े पहने देख लोग रूककर माजरा समझने लगे। कुछ देर में पता चला कि सब्जी बेचने वाले तथा रिक्शा चलाने वाले कोई और नहीं सर्राफा व्यापारी हैं जो गैर ब्राण्डेड आभूषण पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाने तथा आयात कर को दोगुना करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। ज्ञात हो कि प्रदेश में पिछले बीस दिनों सर्राफा व्यापारी हड़ताल पर हैं।

उत्‍तर प्रदेश में करोड़ों रुपये का व्यापार बन्द कर सर्राफा व्यावसायी आन्दोलन पर उतारू हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उत्पाद शुल्क वापस नहीं लेती व आयात कर को कम नहीं करती है, उनका विरोध जारी रहेगा। चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी नुकसान क्यों न उठाना पड़े। प्रदेश भर में विरोध कर रहे सर्राफा व्यवसायियों केन्द्र सरकार के फैसले के विरोध में सब्जी बेचनी शुरू कर दी। प्रदेश के विभिन्न जिलों में सोने से जुड़े कारोबारियों ने सब्जी बेची और रिक्शा चलाया।

सर्राफा एसोसिएशन का कहना है कि सोने-चांदी के व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर लगातार अपना विरोध जता रहे हैं लेकिन केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी आश्वासन के अलावा बढ़े कर को वापस नहीं ले रहे हैं। सर्राफा व्यवसायियों ने विरोध स्वरूप शहर में जुलूस निकाला। पिछले 16 मार्च को बजट में उत्पाद शुल्क लगाने और आयात कर दोगुना करने के विरोध में पूरे देश के सर्राफा व्यावसायी पिछले 17 मार्च से हड़ताल पर हैं।

इससे सिर्फ उत्तर प्रदेश में ढाई हजार करोड़ रूपये का सोने चांदी का व्यावसाय प्रभावित हुआ है। वहीं सर्राफा व्यवसायियों की हड़ताल व विरोध के चलते आम आदमी को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोने-चांदी दुकानें बंद होने से लोग विवाह आदि के लिए गहने नहीं खरीद पा रहे हैं।

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