बच्चियों को दिल्ली में बेचने वाला जल्लाद पकड़ा गया

बंगाल में पकड़े गए कमल दास ने कहा कि वह बंगाल से बच्चियों को चुरा कर दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी को 25 हजार रुपये में बेच देता था। वहां से अभिजात्य वर्ग के लोग उसे खरीद के ले जाते थे। इनमें ज्यादातर डाक्टर ही हैं। उधर द्वारका नार्थ पुलिस ने दंपति के खिलाफ मामला दर्ज कर लुक आउट कार्नर सर्कुलर जारी कर दिया है। साथ ही पुलिस उस प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक की तलाश कर रही है जिसके जरिए डॉक्टर ने नाबालिग नौकरानी को काम पर रखा था। जिला पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार ओझा का कहना है कि लुक आउट सरकुलर जारी करने के बाद सभी एयरपोर्ट पर नजर रखी जा रही है। पुलिस को पता चला है कि बच्ची को कभी भी घर से बाहर नहीं जाने दिया गया। डाक्टर को अंदेशा था कि बाहर जाते ही वह भाग जाएगी। हैरत और बेशर्मी की हद है कि डाक्टर अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि उसे पता नहीं था कि बच्ची की उम्र 13 साल है। वह तो उसे 18 साल की समझ रहा था।
पुलिस के अनुसार नाबालिग नौकरानी को बंधक बनाकर रखने वाले डॉक्टर दंपति को शनिवार तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन पेश नहीं होने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की पहल शुरू कर दी है। पुलिस ने रविवार रात उनके खिलाफ लुक ऑउट कार्नर सरकुलर जारी कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस को पता चला कि डॉक्टर दंपति ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। इससे पुलिस को आशंका है कि दंपति भारत पहुंच कर कहीं एनसीआर इलाके में रह रहा है।
पुलिस ने बैंकाक से आने वाली फ्लाइट की जांच शुरू कर दी है। जिससे पता लगाया जा सके कि वह कब भारत पहुंचे। साथ ही उसने किसकी मदद से अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है। वहीं पुलिस डॉक्टर दंपति के साथ-साथ मुकेश की भी तलाश कर रही है जिसके प्लेसमेंट एजेंसी नौकरानी को रखा था। अब तक मुकेश का भी कोई अता-पता नहीं है। साथ ही पुलिस बच्ची की मदद से उसके परिजन तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।गौरतलब है कि पुलिस ने 29 मार्च की शाम 12 वर्षीय नौकरानी को द्वारका सेक्टर-6 के हन्नीमैन अपार्टमेंट से सकुशल मुक्त कराया था। उसने आरोप लगाया था कि डॉक्टर दंपति उसे छह दिन से बंधक बनाकर बैंकाक गए हुए है। उसके बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।












Click it and Unblock the Notifications