यूपी में घट रहा है संयुक्त परिवार का दायरा

राज्य में 2011 के दशक में मकानों के सूची बताती है कि पिछली जनगणना के मुकाबले इस बार एक करोड़ आठ लाख से अधिक मकान बढ़ हैं। वर्तमान में अकेले यूपी में साढ़े चार करोड़ से अधिक मकान हैं। राज्य में परिवार के सदस्यों का औसत छह के आसपास है। एक दंपति वाले परिवारों की संख्या 64 प्रतिशत है जबकि दो दंपति वाले परिवार 18.7 प्रतिशत हैं।
राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार चार दंपति वाले परिवार एक दशमलव सात प्रतिशत तो पांच और उससे अधिक दंपति वाले परिवार शून्य दशमलव सात प्रतिशत ही हैं। यह संख्या बताती है कि संयुक्त परिवार का दायरा किस प्रकार कम हो रहा है। अब लोग संयुक्त रूप से रहना पसंद नहीं करते। जानकारों का कहना है कि इसका कारण लोगों के अपने अहम और तनाव भरी जिन्दगी जिस कारण वह एककीकरण की ओर जा रहे हैं।
राज्य के कुल परिवारों में से 3.8 प्रतिशत परिवारों के पास रहने के लिये कोई अलग कमरा नहीं है जबकि 32.6 प्रतिशत परिवार एक ही कमरे में गुजारा करते हैं। उत्तर प्रदेश मकानों के स्वामित्व के मामले में अच्छी स्थिति में है। राज्य के 94.7 प्रतिशत लोग अपने मकान में रहते हैं जबकि चार दशमलव एक प्रतिशत लोग ही किराये के मकान में हैं। सिर्फ एक दशमलव दो प्रतिशत लोग ही अन्य तरह के मकानों में रह रहे हैं। राज्य के लोगों के पास अपने मकान तो हैं लेकिन शौचालयों की स्थिति दयनीय है। मात्र 36.6 प्रतिशत परिवारों में परिसर के अन्दर शौचालयों की सुविधा है। राज्य में 63 प्रतिशत परिवार खुले में शौचालय के लिए जाते हैं।












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