'पीएम को तवज्जो नहीं देती थीं मायावती'

प्रदेश के दौरे पर आए रमेश ने काह कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती तो प्रधानमंत्री की बैठकों में जाना ही पसंद नहीं करती हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह केन्द्र को कितना महत्व देती थी। रमेश ने केन्द्रीय योजनाओं को इस राज्य में सही ढंग से लागू नहीं हो पाने के लिए मायावती की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार सम्पर्क किये जाने के बावजूद मायावती सरकार से उन्हें रिस्पान्स नहीं मिलता था। यूपी सरकार के इसी रूख के चलते केन्द्र से उसकी नहीं बनती थी।
इसका असर सरकार पर तो नहीं लेकिन जनता पर अवश्य पड़ता था क्योंकि यदि योजनाओं का लाभ जनता तक न पहुंचे और बिचौलिए उसका लाभ लें तो योजनाएं शुरू करने का कोई औचित्य नहीं बतना। माया सरकार व केन्द्र के बीच के रिश्तों के बारे उन्होंने कहा कि वह तो प्रधानमंत्री को भी गंभीरता से नहीं लेती थीं। उनकी बैठकों में नहीं शामिल होती थी जबकि दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री बैठकों में बराबर हिस्सा लेते थे।
रमेश के इस बयान से प्रदेश बसपा में काफी नाराजगी है। हालांकि कि बसपा की ओर से अभी तक इस मामले में कोई बयान नहीं दिया गया है लेकिन जिस प्रकार केन्द्रीय मंत्री ने बसपा सुप्रीमों के व्यवहार पर टिप्पणी की है उससे बसपाई खासे नाराज हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि केन्द्रीय मंत्री को इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी।












Click it and Unblock the Notifications