याहू इंडिया के खिलाफ आपराधिक मुकदमा खारिज

न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा कि याहू इंडिया के खिलाफ जारी सम्मन रद्द किया जाता है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने याहू इंडिया की ओर से दायर इस याचिका को स्वीकार कर लिया कि निचली अदालत ने इन कंपनियों की सूची में गलती से उसका नाम शामिल कर लिया था। याहू इंडिया के वकील अरविंद निगम ने दलील दी कि वेबसाइट के खिलाफ राय के आरोपों को सही साबित करने वाला कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया है।
उच्च न्यायालय ने हालांकि याहू इंडिया की याचिका को स्वीकार कर लिया लेकिन स्पष्ट किया है कि विश्वसनीय एवं कार्रवाई किए जाने लायक कोई सबूत मिलने पर उसके खिलाफ मामला दोबारा चलाया जा सकता है। मालूम हो कि वर्तमान में कई ऐसी साइटें इन दिक्कतों से गुजर रही है।












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