बिहार को नहीं मिला एनआरएचएम का पूरा धन

बिहार केंद्र से अपने हिस्से के लिए बार बार मांग कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य में एनआरएचएम की 85 फीसदी राशि खर्च हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में राशि खर्च करने की क्षमता बढी है। शुरू में वित्त आयोग से बहुत पैसा मिलता था इसलिए एनआरएचएम राशि खर्च करने में देर हो जाती थी। अब ऐसा नहीं है।
सिन्हा ने कहा कि 2008-09 में राज्य सरकार ने 386 करोड, 2009-10 में 580 करोड , 2010-11 में 880 करोड रुपये खर्च किये। चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 में दिसंबर तक 590 करोड रुपये खर्च किये जा चुके हैं। एनआरएचएम में राज्य सरकार अपना हिस्सा खर्च करने में कभी पीछे नहीं रहती। कई बार राज्यांश 15 फीसदी से भी अधिक खर्च हो जाता है।












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