अधिकारियों को भी लगने लगा कि नहीं आयेंगी माया
सूत्र बताते हैं कि राज्य के मुख्य सचिव अनूप मिश्रा ने केन्द्र में प्रतिनियुक्ति का पहला आवेदन भेजा। राज्य सरकार ने उनके आवेदन को मंजूर कर लिया है और चुनाव बाद उन्हें केन्द्र में जाने के लिये मुक्त किया जा सकता है। श्री मिश्रा को देखने के बाद कई अन्य आईएएस ने प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया। राज्य सरकार इस मामले में अन्य आवेदन पर विचार कर रही है।
गृह विभाग के प्रमुख सचिव रहे कुंवर फतेह बहादुर भी इन्हीं अधिकारियों की कतार में खड़े हैं जिन्हें निर्वाचन आयोग के आदेश पर चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के पहले इस पद से हटाया गया था। ज्ञात हो कि कुंवर फतेह बहादुर अभी मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े हैं और वह राज्य के नियुक्ति सचिव हैं। अधिकारी बताते हैं कि मुख्यमंत्री मायावती ने उनके केन्द्र में जाने के आवेदन को अभी स्वीकार नहीं किया है। मुख्यमंत्री सचिवालय से सम्बद्ध दुर्गा शंकर मिश्रा और रविन्द्र शंकर ने भी केन्द्र में जाने का आवेदन दिया हुआ है।
इसके अतिरिक्त आर.के. सिंह, आर.पी. सिंह, सुशील कुमार और मोहम्मद मुस्तफा के आवेदन मंजूर कर लिये गए हैं तथा उन्हें प्रतिनियुक्ति के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मिल गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले के आरोपी प्रदीप शुक्ला पहले ही केन्द्र जाने की मंजूरी मांग चुके हैं। प्राथमिक शिक्षा सचिव अनिल संत भी केन्द्र की प्रतिनियुक्ति में जाना चाहते हैं लेकिन सरकार ने उनके आवेदन पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मायावती के करीबी कहे जाने वाले जे.एन. चैम्बर भी केन्द्र जाने का आवेदन कर चुके हैं। यह तो प्राथमिक झलक है कई और भी अधिकारी हैं जो यह मान रहे हैं कि सरकार बदलने के बाद उनकी राह आसान नहीं होगी वह सब प्रदेश छोड़ देना चाहते हैं।













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