गणतंत्र दिवस परेड पर पहली बार दिखी अग्नि-4

भारत के गणतंत्र बनने की 62वीं सालगिरह के मौके पर परेड की सलामी तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने ली। गुरुवार की सर्द सुबह तीनों सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के 20 मार्चिग दस्तों से लेकर अपनी गर्जना से दहलाने वाले वायुसेना के विमानों ने धरती और आसमान पर भारत की उभरती ताकत के दस्तखत उकेरे। परेड में इस बार बीते दिनों अमेरिका से खरीदे गए तीन सी-130जे बहुउद्देश्यीय विमान भी शामिल थे। यह पहला मौका था जब गणतंत्र दिवस परेड में मेड-इन-अमेरिका विमान ने भारतीय परचम लहराया। पहली बार नाभिकीय हथियारों के साथ तीन हजार किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-4 मिसाइल का सार्वजनिक प्रदर्शन भी किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 150 किमी तक मार करने वाले 'प्रहार' प्रक्षेपास्त्र का प्रदर्शन किया।
सैन्य प्रहार क्षमता की नुमाइश की कड़ी में सेना ने 37.5 किमी मारक क्षमता वाली पिनाक बहुनलीय प्रक्षेपास्त्र लांचर प्रणाली और 40 सेकेंड में 12 रॉकेट दागने वाली रूस से आयातित स्मर्च प्रक्षेपास्त्र प्रणाली राजपथ पर उतारा। नौसेना ने सुरक्षित समुद्र और महफूज तट के अपने लक्ष्य को सिद्ध करने के लिए झांकी की शक्ल में लंबी दूरी की निगरानी में सक्षम आइएल-38 और मानवरहित टोही विमान को दिखाया। वायुसेना के 27 विमानों और तीन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के शानदार फ्लाइपास्ट के नजारे ने भरोसा दोहराया कि भारतीय आसमान के निगहबानों के पास ताकत भी है और काबिलियत भी।
झांकियों में रहा पंजाब का दबदबा
गणतंत्र दिवस पर इस बार झांकियों में पंजाब का दबदबा देखने को मिला। राज्यों की झांकी में पंजाब ने शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह को मुख्य विषय बनाया तो रेल मंत्रालय की झांकी पंजाब मेल पर आधारित थी। राज्यों की झांकी में पंजाब ने इस बार शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह पर अपनी झांकी प्रस्तुत की। झांकी को लाहौर के किले का रूप दिया गया था और उस पर शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की विशाल प्रतिमा सजाई गई थी। उनकी छवि को तैयार करने में बारिकियों का ध्यान रखा गया था।












Click it and Unblock the Notifications