तो क्या भाजपा ने यूपी में हथियार डाल दिये?

विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत लाने का दम भर रही कांग्रेस ने टीवी चैनलों को विज्ञापन दिया, जिसका स्लोगन है, "मजबूत इरादा, निभायेंगे वादा।" देखा जाये तो इस विज्ञापन को देखकर कोई भी कह सकता है कि यह किसी राष्ट्रीय पार्टी का विज्ञापन है, जो सभी पांच राज्यों में जीतने की लालसा रखती है। अब आते हैं भाजपा के विज्ञापन पर, "महंगाई बढ़ाने वालों को वोट मत दो, विकास के लिए खंडूरी हैं जरूरी।" विज्ञापन को ध्यान से देखें तो भाजपा की घिसीपिटी निगेटिव सोच उजागर होती है। साथ ही ऐसा प्रतीत होता है कि मानों अब भाजपा को सिर्फ उत्तराखंड से ही मतलब रह गया है।
भाजपा अपने विज्ञापन में उत्तराखंड को फोकस कर रही है। सवाल यह उठता है कि यदि भाजपा वाकई में राष्ट्रीय पार्टी है, तो पांचों राज्यों में फोकस क्यों नहीं करती। भाजपा की इन दिनों की चाल से यह भी प्रतीत होता है कि मानो पार्टी ने यूपी में हथियार डाल दिये हों। यूपी में भाजपा एक बार फिर वही गलती दोहरा रही है, जो उसने पिछले आम चुनाव में की थी। आम चुनाव में टीवी चैनलों पर फिल्म पीपली लाइव के गीत "महंगाई डायन खाये जात है... " पर भाजपा ने निगेटिव कैम्पेन किया, जिसके परिणामस्वरूप आज उसे विपक्ष में बैठना पड़ रहा है।
यूपी चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी गलती बाबू सिंह कुशवाहा को लेकर की है। कुशवाहा जिनका नाम एनएचआरएम घोटाले में आया है, उन्हें पार्टी में लेने से भाजपा के कई नेताओं के बीच फूट पड़ चुकी है। विनय कटियार, लालजी टंडन और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी जैसे बड़े नेता जहां आज भी नाखुश हैं, वहीं उमा भारती, सूर्य प्रताप शाही, आदि कुशवाहा के माध्यम से वोट बैंक मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
पार्टी में फूट पड़ने का एक और कारण हैं युवा नेता पंकज सिंह, जो राजनाथ सिंह के पुत्र हैं। पंकज सिंह को टिकट की जगह महामंत्री का पद दे दिया गया, जिसके बाद तीन नेताओं ने पार्टी के विशिष्ट पदों से इस्तीफा दे दिया। भले ही वो तीनों नेता पार्टी में बने हुए हैं, लेकिन रस्सी में गांठ तो पड़ ही चुकी है। एक और बात यह कि चुनाव लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती और राजनाथ सिंह का फोकस भी उत्तराखंड पर ज्यादा है। खैर वहां मतदान के बाद यह टीम यूपी भी आयेगी।
पार्टी के लिए हमारा सुझाव यही है कि 30 जनवरी को मतदान के बाद भाजपा को अपनी सारी ताकत यूपी में झोंकनी होगी, नहीं तो यहां पर पार्टी की साख कमजोर पड़ सकती है।












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