आम आदमी तो नहीं पकड़ सकता ये पाकिस्तान से आए नकली नोट

पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा बरामद सवा दो करोड़ के नकली नोटों में जो सिक्योरिटी फीचर्स पाए गए हैं उनसे खुफिया विभाग और भारत सरकार को हिलाकर रख दिया है। इन नकली नोटों में भारतीय करेंसी के 15 सिक्योरिटी फीचर्स में से 11 सिक्योरिटी फीचर्स पाए गए हैं। रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लैब के विशेषज्ञों की शुरुआती और मौखिक रिपोर्ट से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
नकली नोटों में पहली बार इतने सिक्योरिटी फीचर्स पाए जाने को अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा हमला बताया जा रहा है। अभी तक नकली नोटों में दो से तीन सिक्योरिटी फीचर्स ही होते थे। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के क्वेटा शहर स्थित प्रिंटिंग प्रेस में ये नोट छापे गए हैं। जांच में पता चला है कि नकली नोटों को भेजने वाला इकबाल काना आतंकी संगठन
लश्कर-ए-तैयबा के संपर्क में है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय करेंसी में वाटर मार्क, सिक्योरिटी थ्रेड, लेटेंट इमेज, माइको लैटरिंग, इंटेजलियो प्रिंटिंग, ऑफसेट प्रिंटिंग, आईडेंटीफिकेशन मार्क, चमकना, विभिन्न रंगों वाली स्याही और सीथ्रो रजिस्टर समेत 15 सिक्योरिटी फीचर्स डाले जाते हैं, ताकि करेंसी को कापी कर नकली नोट नहीं छापे जा सके।
बरामद नकली नोट पर पाए गए 11 सिक्योरिटी फीचर्स से भारतीय प्रिंटिंग प्रेस पर सवाल खड़े हो गए। एक एक्सपर्ट ने बताया कि अमेरिकी डॉलर पर 14 सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं। इसके बावजूद डॉलर की नकली करेंसी छापना मुश्किल होता है। इंडियन करेंसी के जो सिक्योरिटी मार्क हैं वह लंबे समय से चले आ रहे हैं। इनको बदला नहीं जाता है। ऐसी में इनकी कापी करना आसान है।
अगर कुछ सालों बाद सिक्योरिटी मार्क बदल दिए जाए तो नकली नोट छापना आसान नहीं होगा। फोरेंसिक साइंस लैब के विशेषज्ञों का कहना है नकली नोट छापने के लिए करीब-करीब उसी तरह का कागज का प्रयोग किया गया है जिसका प्रयोग भारतीय प्रिंटिंग प्रेस में किया जाता है। यह कागज भारत में ही बनता है जबकि स्याही विदेश से आती है। नकली नोटों की मोटाई असली नोट से थोड़ी ज्यादा है इसलिए इनको पकड़ लिया गया। हालांकि पुलिस के पास नकली नोटों की खेप का इनपुट्स थे, इसलिए असली-नकली की पहचान हो गई थी।












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