विधानसभा चुनाव में फिल्मी सितारों पर खर्च का ब्योरा देना होगा

इस बार के विधान सभा चुनाव में पार्टियों की कठिन परीक्षा होगी। निवार्चन आयोग ने दलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उड़न दस्ते का भी गठन कर दिया है। आयोग के ताजा आदेष के तहत अब पार्टियों की जनसभाओं में आने वाले स्टार प्रचारकों पर आयोग की नजर है। फिलहाल आयोग ने यही कहा है कि जो भी खर्च किया जाए उसकी जानकारी आयोग को दी जाए। आयोग ने कहा कि दलों के कार्यकर्ताओं की यात्रा पर होने वाला व्यय, बैनरों, पोस्टरों, मंचों, कटआउट, तोरणों तथा होर्डिग्स पर व्यय का ब्यौरा आयोग को उपलब्ध कराया जाए।
इतना ही नहीं साधारण दलों के प्रचार तथा निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए प्रेस तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया में विज्ञापन का तक का ब्यौरा आयोग को देना होगा। आयोग की इस सख्ती से सभी दलों की परेषानियां बढ़ गयी हैं। बढ़े दल तो इससे बचने के रास्ते खोज रहे हैं जबकि छोटे दल यह जानकारी छिपाने की जुगत लगा रहे हैं। राज्य के मु य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा के अनुसार दलों को सुसंगत फार्मों में नियत समय पर चन्दे की सूची चुनाव आयोग को देनी होगी। उन्हें अपने एकाउंट का ऑडिट कराना होगा तथा आयकर विवरण को व्यय के ब्योरों का उल्लेख करते हुए निर्धारित समय में दाखिल करना पडेगा।
सिन्हा ने बताया कि चुनाव व्यय के लिए प्रत्याशी को नामांकन के एक दिन पहले बैंक में खाता खोलना होगा तथा पहले से संचालित खाता चुनाव खर्च में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह खाता स्वयं या चुनाव एजेंट के साथ संयुक्त रूप से खोला जा सकता है लेकिन 20 हजार रुपये या इससे अधिक की धनराशि के सारे भुगतान एकाउन्टपेयी अथवा क्रास्ड चेक के द्वारा ही दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार अलग से चुनाव खर्च एजेंट भी नियुक्त कर सकता है। उम्मीदवार को दैनिक व्यय के रजिस्टर को कम से कम तीन बार निर्वाचन अधिकारी या निर्वाचन पर्यवेक्षक के निरीक्षक के लिए प्रस्तुत करना होगा। सिन्हा ने कहा कि पेड न्यूज प्रतिबन्धित होगी।












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