अपराध रहित यूपी का दावा करने वाली माया के खेमे में हत्यारा?

बसपा के लिए मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं पिछले कुछ समय से लोकायुक्त बसपा मंत्रियों की जांचे कर रहे हैं तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बसपा प्रत्याशी को गिरफ्तार करने के आदेश जारी कर दिए। कोर्ट के आदेश के बाद जहां पुलिस बसपा प्रत्याषी मनोज तिवारी को तलाष रही है वहीं वह अब अण्डग्राउण्ड हो गए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद पार्टी की बहुत फजीहत हो रही है।
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में प्रतापगढ के पट्टी सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को चार साल पहले हुई हत्या के मामले में पुलिस तलाश रही है। प्रतापगढ की पट्टी सीट से प्रत्याशी और पार्टी के समन्वयक मनोज तिवारी कुछ दिन पूर्व तक तो अपना चुनाव प्रचार कर रहे थे लेकिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आये गिरफ्तारी के आदेश के बाद वह भूमिगत हो गये हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिष दे रही है।
ज्ञात हो कि बसपा प्रत्याशी चार साल पहले जेठवारा इलाके के दुंदा का पुरवा गांव में दलित हीरा लाल की हुई हत्या के आरोपी हैं। जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त सबूत और गवाहों के आभाव में आरोपी बच निकला। लोगों का कहना था कि आरोपी की उंची पहुंच के चलते पुलिस ने जानबूझकर मामले को कमजोर किया। आखिरकार मामला उच्च न्यायालय पहुंच गया। चार वर्षों तक सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी का बयान भी आवष्यक है जिसके चलते अदालत ने आरोपी मनोज की गिरफ्तारी के लिये पुलिस को आदेश दिया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार का कहना है कि मनोज तिवारी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही मनोज को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया जाएगा।












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