आपत्तियों के बावजूद रक्षा व्यय विधेयक पर ओबामा ने किया दस्तखत

ओबामा अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने हर्वाइ गये हैं। वर्ष 2012 के लिए 662 अरब डालर के रक्षा व्यय विधेयक में अन्य चीजों के अलावा पाकिस्तान को आतंकवाद निरोधक कोष के तहत दी जाने वाली 1.1 अरब डालर की सैन्य सहायता का 60 प्रतिशत तब तक रोकने का प्रस्ताव है, जब तक विदेश और रक्षा मंत्रालय के सचिव कांग्रेस को यह रिपोर्ट नहीं देते कि इस्लामाबाद आतंकवाद के खिलाफ जंग में और खासतौर पर आईईडी के निर्माण को रोकने की रणनीतियों में प्रगति कर रहा है।
अधिकतर आईईडी का निर्माण पाकिस्तान के अवैध कारखानों में होता है और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के लिए इसे सबसे बड़ा जिम्मेदार कारक माना जा रहा है। हालांकि ओबामा ने अपने बयान में विधेयक के इस प्रावधान का र्कोइ जिक्र नहीं किया है जिसकी पाकिस्तान में काफी आलोचना र्हुइ है और अमेरिका-पाक रिश्तों में इससे और तनाव पैदा हो गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रक्षा और विदेश विभाग विधेयक की जरूरतों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।
पाकिस्तानी मीडिया के विश्लेषण के अनुसार, ओबामा प्रशासन कहता रहा है कि किसी भी परिस्थिति में इस विधेयक से पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता को नहीं रोका जाएगा। विधेयक के प्रावधान के तहत रक्षा सचिव को पाकिस्तान में अमेरिकी रणनीतिक उद्देश्यों की चर्चा पर कांग्रेस को रिपोर्ट जमा करनी होगी। ओबामा ने अपने बयान में कहा कि यह कार्ययोजना उन्हें तेजी से बदल रहे हालात में खुफिया जानकारी एकत्रित करने और खतरनाक लोगों की क्षमताओं को कमजोर करने में उनकी सार्मथ्य को बढ़ाती है।
अमेरिकी राष्टपति ने कहा, अल-कायदा और उससे संबद्ध व निर्भर लोगों के खिलाफ हमारी सफलता हमारे आतंकवाद निरोधक पेशेवरों को हालात बदलने के लिए जरूरी स्पष्टता और लचीलापन देने के महत्वपूर्ण कदम र्से आइ है। ओबामा ने कहा कि वह कांग्रेस में कुछ सदस्यों की उन पहल का विरोध करते हैं जो इन सफलता को दरकिनार कर सकती हैं।












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