आडवाणी की भविष्यवाणी- कई राष्ट्रीय परिवर्तनों का गवाह बनेगा 2012

आडवाणी ने कहा कि नए वर्ष में भाजपा और राजग राजनीति की दिशा परिभाषित करेंगे। वहीं, राज्यसभा में लोकपाल विधेयक के लटकने को अप्रत्याशित बताते हुए आडवाणी ने कहा कि सरकार ने अपना अपमान खुद किया, क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस मौके पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के साथ जो धोखा हुआ उसका देश 29 दिसंबर की रात गवाह बना।
यह अप्रत्याशित था। ऐसे समय में जब भारत प्रधानमंत्री से एक ईमानदार पारदर्शी नेतृत्व की उम्मीद कर रहा था उस समय प्रधानमंत्री ने साजिशपूर्ण चुप्पी साध ली और सदन में जो कुछ हुआ उसके लिए मौन स्वीकृति दे दी। आडवाणी ने दोनों सदनों के नेताओं अरुण जेटली और सुषमा स्वराज की प्रशंसा करने के साथ ही वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एवं बाबा रामदेव की भी सराहना की।












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