विदेशी निवेश में आई 50 फीसदी की कमी
मुंबई।
देश में अक्तूबर महीने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 50 प्रतिशत से भी अधिक घटकर 1.16 अरब डॉलर रह गया जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक मंदी असर को परिलक्षित करता है। एफडीआई में लगातार दूसरे महीने कमी आई है। अक्तूबर में एफडीआई 50 प्रतिशत घटा अक्तूबर 2010 में देश को 2.33 अरब डालर का विदेशी निवेश मिला था। id="toptextpromo">इस
सितंबर में यह राशि सालाना आधार पर 16.5 प्रतिशत घटकर 1.76 अरब डालर रही। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि हालांकि अप्रैल-अक्तूबर की अवधि में एफडीआई 50.3 प्रतिशत बढ़कर 20.8 अरब डालर हो गया। उन्होंने कहा कि साल के शुरुआती महीनों में एफडीआई प्रवाह काफी अच्छा रहा था। अगस्त महीने में विदेशी निवेश प्रवाह साल दर साल आधार पर दोगुना होकर 2.83 अरब डालर रहा। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>मई
व जून में तेजी के बाद जुलाई में इसमें नरमी देखने को मिली। अधिकारी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बावजूद 2011-12 में एफडीआई 35 अरब डालर हो सकता है जो बीते वित्त वर्ष में 19.4 अरब डालर रहा था। इस साल आरआईएल-बीपी तथा पास्को जैसे बड़े सौदे हुए हैं। वर्ष 2010-11 में एफडीआई के जरिये इक्विटी प्रवाह 25 प्रतिशत घटकर 19.43 अरब डालर रहा जो 2009-10 में 25.6 अरब डालर था। 2008-09 में यह राशि 27.3 अरब डालर थी। विशेषग्यों का कहना है कि अमेरिका तथा यूरोप में अनिश्चित आर्थिक हालात भारत में एफडीआई में गिरावट की बड़ा कारण है।











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