चुनाव करीब आने पर कांग्रेस में बढ़ा मुस्लिम प्रेम

कहने को मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं, लेकिन प्रदेश सरकार के वोट प्रतिशत में मुसलमान एक बड़ा फैक्टर है। इसी छोट से कहे जाने वाले बड़े वोट बैंक को सभी पार्टियां अपनी ओर मिलाने में जुटी रहती हैं। देखा जाए तो सपा का इसमें बड़ा हिस्सा रहा है। समाजवादी पार्टी ने यादवों के बाद यदि किसी जाति को तरजीह दी तो वह मुस्लिम ही है शायद यही कारण कि सपा प्रदेष की सत्ता पाने में कामयाब रही। दूसरे नम्बर आती है बसपा जिसने हमेशा दलित हित की बात करी लेकिन जब उसे लगा कि मुस्लिमों को अपनी ओर मिलाना आवष्यक है तो उसने कैबिनेट मंत्री नसीमुददीन सिददीकी के सहारे मुस्लिम वोट बैंक पर कब्जा किया।
बसपा काफी हद तक इसमें कामयाब भी रही, लेकिन बसपा पूरी तरह से मुस्लिमों को अपनी ओर नहीं मिला सकी। दोनों पार्टियों को मुस्लिम वोट को लेकर लड़ते देखकर कांग्रेस ने भी हाथ साफ करने की योजना तैयार कर ली। परिणाम यह रहा कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने यूपी का दौरा किया तो नदवा जाकर राबे हसन नदवी से मुलाकात की और मुसलमानों को कांग्रेस का साथ देने के लिए मनाने का प्रयास किसा। एक ओर मायावती मुसलमानों को आरक्षण देने की बात ही कर रही थीं कि राहुल ने मुसलमानों को आरक्षण देने का आश्वासन दे भी दिया। परिणामस्वरूप राहुल के दिल्ली पहुंचते ही मुस्लिमों को आरक्षण मिल भी गया। कांग्रेस लगातार मुस्लिमों के लिए घोषणाएं करती जा रही है ओर चौथी सूची में मुस्लिम नेताओं को वरियता दिए जाने से विपक्षी दलों में बचैनी बढ़ती जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications