गीता मामले पर भारत सरकार का रूस को नोटिस

क्रिश्चन आथर्डोक्स चर्च से जुड़े एक समूह के भगवद् गीता को चरमपंथी बताने और इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग के आलोक में रूस में भारत के राजदूत अजय मल्होत्रा ने कहा कि मामले को उचित ढंग से सुलझाने के लिए उच्च स्तर पर रूसी अधिकारियों से बात की गई है। साइबेरिया की तोम्स्क जिला अदालत में मामले की अंतिम सुनवाई 28 दिसंबर को होनी है।
अदालत तोम्स्क इलाके में मानवाधिकार मामलों के रूसी लोकपाल और मास्को, सेंट पीटरबर्ग के भारतविदों की राय जानने को तैयार हो गई। इन सबों ने मामले को खारिज करने की सलाह दी है। एक वक्तव्य में मल्होत्रा ने कहा कि भगवद् गीता संभवत: दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित ग्रंथ है। इसका पहली बार रूसी भाषा में 1788 में अनुवाद हुआ।












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