शीतकालीन सत्र पर सस्पेंस, सीबीआई लोकपाल से बाहर

सरकार ने कहा है कि वह 22 दिसंबर को लोकपाल बिल पेश कर सकती है। सरकार की इस जुगलबंदी से अन्ना हजारे खुश नहीं है। सरकार पर हमला बोलते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार की नीयत लोकपाल बिल पर साफ नहीं है। सरकार ने अलग से सिटीजन चार्टर बिल पेश किया है जिस पर अन्ना हजारे ने अपनी नाराजगी व्यक्त कर दी है।
अभी इस खबर पर मुहर भी नहीं लग पाई थी कि सरकार ने इस पर अपनी रणनीति बदल डाली। कई सांसदों ने मांग की थी कि क्रिसमस और नए साल के मौके पर वे संसद के बढ़े सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे। जिसके बाद सरकार की तरफ से यह बात सामने आ रही है कि सरकार अब 22 तारीख को खत्म होने वाले शीतकालीन सत्र को 23 व 24 दिसंबर तक बढ़ा सकती है।
उधर लोकपाल बिल में अब तक के सबसे बड़े विवाद के मामले पर सरकार ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि वह अपने मसौदे में सीबीआई को लोकपाल के दायरे में नहीं रखेगी। अन्ना हजारे सीबीआई को लोकपाल के दायरे में रखने की मांग कर रही है। सरकार ने सीबीआई को लोकपाल से बाहर कर दिया है। जिससे अन्ना का अनशन लगभग तय माना जा रहा है।












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