अन्‍ना हजारे की सुरक्षा पर गंभीर नहीं है सरकार

Anna Hazare
बेंगलुरु (अजय मोहन)। कुछ दिन पहले खबर आयी थी कि अन्‍ना हजारे को एचआईवी का इंजेक्‍शन देकर मारने की साजिश रची जा रही है। खबर आयी और चली गई, किसी ने ध्‍यान नहीं दिया। फिर आज देश के नंबर 1 अंग्रेजी अखबार ने पहले पृष्‍ठ पर एक बार फिर यह खबर छापी। इस खबर को लेकर सरकार क्‍या कदम उठायेगी, यह तो नहीं पता, लेकिन अभी तक उठाये गये कदमों से ऐसा कहीं भी नहीं लगता कि सरकार को अन्‍ना की सुरक्षा की चिंता भी है।

अन्‍ना का आंदोलन तेज हुआ तो उनकी सुरक्षा को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्‍हें जेड सिक्‍योरिटी मुहैया करा दी। इसके बाद मानो केंद्र और राज्‍य सरकारों की जिम्‍मेदारी ही खत्‍म हो गई। मैं यह इसलिए कह रहा हूं, क्‍योंकि शनिवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में महज पचास पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात थे। वो भी अगर पंडाल की बात करें तो उसके अंदर मात्र छह पुलिसकर्मी तैनात थे। कार्यक्रम शुरू हुआ तो भी संख्‍या बढ़कर महज 15 से 20 हुई।

फ्रीडम पार्क में व्‍यवस्‍था की बात करें तो वहां अन्‍ना के स्‍टेज तक तो जाने की इजाजत आयोजकों के अलावा किसी को नहीं थी, लेकिन पंडाल में कौन, कैसे क्‍या लेकर आ रहा है, किसी को परवाह नहीं थी। आयोजन स्‍थल पर सुरक्षा प्रबंध के नाम पर सिर्फ मीडिया और वरिष्‍ठ नागरिकों के बैठने के स्‍थान पर ही मेटल डिटेक्‍टर लगा था। बाकी पूरे पंडाल में कोई भी कहीं से भी घुस सकता था। वो भी बिना किसी चेकिंग के।

इस पर वनइंडिया ने इंडिया अगेस्‍ट करप्‍शन के कई वॉलेंटियर्स से बात की, सभी ने कहा कि यह काम पुलिस का है और वो कर रही है। वहां मौजूद मैसूर विश्‍वविद्यालय के शिक्षक केवी नारायण राव ने इस पर गहरी चिंता व्‍यक्‍त की। हमने जब उनसे बात की तो उनका सरकार पर गुस्‍सा फूट पड़ा। उन्‍होंने सरकार की तुलना सीधे धृतराष्‍ट्र से कर डाली। उन्‍होंने कहा कि जिस तरह महाभारत में अनर्थ पर अनर्थ होता चला गया और धृतराष्‍ट्र कुछ नहीं कर सके, ठीक उसी प्रकार देश में भ्रष्‍टाचार पर भ्रष्‍टाचार हो रहा है और सरकार बैठी तमाशा देख रही है।

डा. राव ने कहा कि अन्‍ना की सुरक्षा को लेकर सरकार को अगर चिंता होती तो यहां इक्‍का-दुक्‍का पुलिस वाले नहीं होते। यहां सिक्‍योरिटी चेक की कमी दर्शा रही है, कि सरकार को अन्‍ना की कोई चिंता नहीं। उन्‍होंने कहा कि अगर इतिहास उठाकर देखें तो देश के उद्धार के लिए काम करने वाले की हत्‍या ही हुई है। उदाहरण के तौर पर लाल बहादुर शास्‍त्री का नाम ही काफी है।

वहीं बेंगलुरु के राजाजीनगर के निवासी व वरिष्‍ठ नागरिक एम करियप्‍पा ने कहा कि सरकार को इस तरह अन्‍ना की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिये। वो देश की अनमोल धरोहर हैं और अगर उन्‍हें कुछ हो गया तो देश में दंगे भड़क सकते हैं। वैसे भी उनकी टीम के सदस्‍य प्रशांत भूषण को दिल्‍ली में पीटा जा चुका है। यही नहीं अरविंद केजरीवाल पर भी हमला हुआ। लेकिन सरकार नहीं चेती।

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