तीन लोकपाल बिलों से अन्‍ना व भ्रष्टाचार का जवाब देगी सरकार

Social Activist Anna Hazare
दिल्ली (ब्यूरो)। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने मंगलवार को तीखे तेवर दिखाए औऱ एक ही झटके में तीन बिल पास कर दिए। इस बिल से सरकार अन्ना के लोकपाल को शिकस्त देने की तैयारी में है। जिससे लोगों को लगे की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है । सूत्रों ने बताया कि जिन तीन बिलों को सरकार ने मंजूरी दी है उसमें सिटीजन चार्टर, न्यायिक जवाबदेही और व्हिसिल ब्लोवर एक्ट शामिल हैं। कैबिनेट की बैठक में खुद प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा का प्रश्न बने खाद्य सुरक्षा विधेयक तक को इन मुद्दों के लिए कैबिनेट में आगे खिसका दिया है।

संसद में शाम को हुई बैठक की शुरुआत में ही खाद्य विधेयक पर प्रधानमंत्री ने कहा, यह महत्वपूर्ण विधेयक है, इस पर मुझे सभी के विचार जानने हैं। इसे बाद में देखेंगे। पहले भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाए। खाद्य सुरक्षा विधेयक समेत आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के कई मुख्य मुद्दों को अगली बैठक तक टाल दिया गया है। मगर भ्रष्टाचार से जुड़े तीनों विधेयकों पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसी संसद सत्र में तीनों विधेयकों को पेश कर विपक्ष पर भी इसे जल्दी से जल्दी पारित करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

जिन तीन बिलों को मंजूरी मिली है उसमे पहला है चार्टर बिल। इसके प्रमुख बातें निम्न हैं........

समयसीमा में करना होगा काम

--सिटिजन राइट टु ग्रिवांस रिड्रेस बिल 2011 के तहत हर नागरिक को तयशुदा समय के अंदर सरकारी सेवाएं पानेका हक होगा।

-पब्लिक अथॉरिटी को सिटिजन चार्टर जारी करना ही होगा। इस सिटिजन चार्टर में मुहैया कराए जाने वालीसेवाओं का जिक्र होगा। साथ में इन्हेंमुहैया कराने की डेडलाइन भी बतानी होगी।

-शिकायतों के निपटारे के लिए अधिकारियों की तैनाती होगी। शिकायतों के निपटारा करने वाला अधिकारी आमजनता को शिकायत दर्ज कराने मेंसभी जरूरी मदद करेगा।

-सेंट्रल पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेसल कमिशन बनेगा। इसके सामने आने वाले मामलों में सुनवाई आईपीसी के जुडिशलप्रक्रिया के समान होगी।

दूसरा बिल है जुडिशियल स्टैंडर्ड ऐंड अकाउंटेबिलिटी बिल। इसकी बातें निम्न हैं....

इस बिल में जजों को अपनी संपत्ति और देनदारियों की घोषणा करनी होगी। उनके पत्नी और बच्चों पर भी यही बातें लागू होगी।

-आम आदमी किसी भी जज की खराब व्यवहार के आधार पर शिकायत कर सकता है। इसके लिए नैशनलजुडिशल ओवरसाइट कमिटी, स्कू्रटनीपैनल और जांच कमेटी बनाना प्रस्तावित है।
-कमेटी जजों को सुझाव या चेतावनी जारी कर सकती है। जजों को हटानेके लिए संसद में प्रस्ताव लाया जासकता है , जिस पर कमेटी विचार करेगी।
-जजों के खिलाफ होने वाली शिकायत और सुनवाई गोपनीय होगी। शिकायत झूठी मिलने पर दंड का प्रावधान है।

तीसरा है व्हिसब्लोअर बिल। जिसमें निम्न बातें शामिल हैं......

-व्हिस ब्लोअर बिल के जरिए आम लोगों को सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को लोगों के सामने लाने के लिएप्रोत्साहित करने की कोशिश होगी।

-इसके तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की पहचान जाहिर करने पर सजा का प्रावधान कियाजा रहा है।

-पहचान जाहिर करने वाले लोगों को तीन साल की कैद या पचास हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

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