महिला एसपी से बदसलूकी करने वाला डीएसपी जेल में

शनिवार को केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री डाक्टर फारूक अब्दुल्ला के रियासी आगमन पर पुलिस द्वारा हर प्रकार की चौकसी रखी गई थी। किसी मामले को लेकर एसपी अनिता शर्मा तथा एसडीपीओ हेडक्वार्टर के बीच बहस हो गई। थोड़ी ही देर में दोनों की यह बहस जोरदार कहासुनी में बदल गई। इस दौरान असलम बदसलूकी की हद कर दी और अनिता के शरीर को छूने की कोशिश की। इस दौरान दोनों अधिकारियों के साथ मौजूद उनके बाडीगार्ड ने हस्तक्षेप करते हुए बीच बचाव किया।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में नेशनल कांफ्रेंस की जनसभा के समाप्त होने के बाद देर शाम को एसपी अनिता शर्मा द्वारा स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर के अपने साथ हुए अभद्र व्यवहार की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। एसपी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 186 के तहत दफा 4/5294/509/186 आरपीसी में केस दर्ज किया गया। दर्ज केस के तुरंत बाद शनिवार देर सात साढे़ दस बजे के लगभग एसडीपीओ को गिरफ्तार करके उसे अन्य कैदियों की भांति ही पुलिस स्टेशन में बनी एक बैरक में रखा गया। रात भर बैरक में कैदियों की भांति ही पुलिस स्टेशन में बनी एक बैरक में रखा गया। एसडीपीओ मोहम्मद असलम रात भर बैरक में कैदियों की भांति रहे।
उन पर किसी से मिलने जुलने पर पाबंदी लगाई गई है। यही नहीं, उनके शरीर की डाक्टरी जांच के लिए जिला अस्पताल में लाया, यहां उन्होंने इस सारे प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताया। अधिकारी के मुताबिक नेकां द्वारा आयोजित जनसभा के दौरान उन्हें वहां पर आने जाने वाले वाहनों की जांच पड़ताल किए जाने का काम सौंपा गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर एसपी मैडम उन पर बेवजह बरसना शुरू हो गई। एसडीपीओ के अनुसार यह सारी साजिश पूर्व मुख्यमंत्री तथा मौजूदा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद के कहने पर रची गई है।












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