रिटेल एफडीआई की आंधी आज भी छायी रही संसद पर

Parliament
दिल्‍ली। संसद के शीतकालीन सत्र के शुरूआती 5 दिन विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की भेंट चढ चुके हैं। शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में जबर्दस्त हंगामे का सबब बना रिटेल एफडीआई मुद्दा आज भी छाया रहा और लोकसभा एवं राज्यसभा की बैठक दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। सरकार ने मल्टीब्रांड रिटेल में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी है। जिसके बाद अगले ही दिन संसद के दोनों सदनों में जबर्दस्त हंगामा हुआ। सरकार ने इस हंगामे के बीच मंगलवार को सभी दलों की बैठक बुलाई है।

इससे पहले शुरूआती चार दिनों में महंगाई और तेलंगाना जैसे मुद्दों पर हंगामे के कारण बैठक नहीं चल पायी थी। दोनों ही सदनों की बैठक शुरू होते ही तृणमूल कांग्रेस सहित विभिन्न पार्टियों के सदस्य रिटेल एफडीआई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। भाजपा और वाम सदस्यों ने इस मुद्दे पर पोस्टर और बैनर लहराये। दोनों ही सदनों में बैठक एक बार के स्थगन के बाद भारी हंगामे के चलते पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा में केरल से कांग्रेस के कुछ सदस्य मुल्लापेरियार का मुद्दा उठाते हुए आसन के सामने आ गये।

टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव और तेलंगाना के कुछ अन्य सांसद पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने सदस्यों को बताया कि रिटेल एफडीआई को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव के सभी नोटिस अध्यक्ष के विचाराधीन हैं और वह इन पर निर्णय लेंगी। शिरोमणि अकाली दल को छोडकर दक्षिण और वामपंथी अधिकांश विपक्षी दल रिटेल एफडीआई का विरोध कर रहे हैं। भाजपा ने कहा कि वह अपनी पार्टी के शासन वाले राज्यों में बहुराष्टीय कंपनियों को अपनी दुकानें नहीं खोलने देगी।

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