26/11 बरसी पर विधवाओं को मिली हिरासत

इस मोर्चे का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय सचिव किरीट सोमैया कर रहे थे। मोर्चे में शामिल लोग नरीमन प्वाइंट स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय से मलाबार हिल्स स्थित मुख्यमंत्री निवास की ओर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस रास्ते में ही उन्हें रोक कर थाने ले गई। थाने ले जाने के बाद पुलिस ने उन्हें हवालात में बंद कर दिया गया।
हक के लिए थाने में डटे रहे पीडि़त
सरकार से हक मांगने की मांग को लेकर अड़े पीडि़तों के साथ किरीट सोमैया थाने में ही डटे थे। उनके अनुसार जब तक मुख्यमंत्री खुद पीडि़तों से मिलने नहीं आएंगे, वे रिहाई स्वीकार नहीं करेंगे। सोमैया के अनुसार मुंबई और पुणे में 2006, 2008, 2010 व 2011 में हुई विभिन्न आतंकी वारदातों के पीडि़तों को सरकारी वादे के अनुसार राहत नहीं मिली है।
उनके अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आतंक पीडि़त परिवारों को दी जानेवाली तीन लाख रुपये की राशि बहुत से परिवारों को आज तक नहीं मिल सकी है क्योंकि राज्य सरकार ने पीडि़तों को यह राशि दिलवाने की पहल ही नहीं की है। किरीट के अनुसार 26/11 के हमले में मारे गए 163 लोगों में से सिर्फ 61 के परिजनों को यह राशि प्राप्त हो सकी है।












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