चीन की धमकी, दक्षिणी सागर में भारत की एंट्री बर्दाश्त नहीं

दक्षिणी सागर में तेल की खोज मामले पर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के साथ चर्चा की थी। इंडोनेशिया के बाली में दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के दौरान इस मामले पर लंबा विचार विमर्श हुआ। मनमोहन सिंह ने कहा कि इस हमने अपनी मंशा से चीन को अवगत करा दिया है कि दक्षिणी सागर में तेल की खोज का भारत का अभियान जारी रहेगा। भारत पहले भी दक्षिणी सागर को किसी भी देश का निजी क्षेत्र होने से इंकार करता रहा है।
गौरतलब है कि दक्षिणी सागर में जिस जगह भारत वियतनाम के साथ मिलकर जहां तेल खोज का अभियान चला रहा है वहां कुछ विवाद भी चल रहा है। इस इलाके को लेकर चीन और वियतनाम के बीच काफी लंबे समय से विवाद रहा है। जबकि फिलीपींस भी इस इलाके पर अपना दावा पेश करता रहा है। इस मामले में चीन का कहना है कि तीनों देशों के बीच विवाद सुलक्ष जाने के बाद ही इस इलाके में काई व्यवसायिक कदम उठाना चाहिए। चीन का यह भी कहना है कि अगर उसके अधिकार क्षेत्र वाले सागर में विदेशी कंपनियों के मौजूद होने से उसके निजी अधिकारों का हनन होगा।












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