यूपी का बंटवारा मायावती की चुनावी चाल: विपक्ष

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि प्रदेश में चुनाव नजदीक है इसलिए अपने राजनीतिक लाभ के लिए मायावती ऐसा कह रहीं हैं। प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं क्यों कि वह जानती हैं कि इतनी जल्दबाजी में इस मामले में कुछ ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकती। भाजपा ने कहा कि इस मामले में होना कुछ नहीं है, हां वोट जरूर बटोरे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि बसपा के साथ नूरा कुश्ती करने वाली कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रूख अपनाती है वहीं समाजवादी पार्टी ने इसे वोट बैंक राजनीति करार दिया है।
इस मुद्दे पर सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि मायावती की यह चुनावी चाल है। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछले साढ़े चार वर्षों में इस मुद्दे की बिल्कुल याद नहीं आई और अब आनन-फानन में बिना किसी अध्ययन या विश्लेषण के राज्य को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। कांग्रेस ने मायावती के इस फैसले को हताशा में लिया गया निर्णय बताते हुये राज्य विभाजन के लिये राज्य पुनर्गठन आयोग के गठन की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अघ्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और पार्टी विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही छोटे राज्य की पक्षधर रही है लेकिन इसका निर्णय राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश के आधार पर ही होना चाहिए। कांग्रेस ने दावा किया कि विधानसभा के आगामी चुनाव में अपनी हार सामने देख मायावती ने यह सियासी चाल चली है जिसे जनता अच्छी तरह समझती है। उन्होंनें कहा कि पहले राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन हो और उसके बाद ही अलग राज्य के बारे में कोई निर्णय लिया जाये।












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