अज्ञात बुखार की चपेट में कोलकाता, नहीं हो पा रही विषाणु की पहचान
कोलकाता।
डेंगू और चिकगुनिया के लक्षण से मिलते जुलते बुखार ने शहर में बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है और विषाणु विज्ञानी इसको लेकर हैरत में हैं। राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पूणे में खून के नमूनों की जांच में अभी तक विषाणु की पहचान नहीं हो पाई है। संस्थान के एक दल ने हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया जहां कुछ दिनों से तीव्र बुखार के साथ बीमारी के लक्षण सामने आये हैं। id="toptextpromo">दल
कुछ रक्त नमूने लेकर अपने साथ गया है। स्कूल आफ टोपिकल मेडिसिन के सूत्रों ने कहा कि खून के परीक्षण में विषाणु की प्रकृति के बारे में कोई भी निष्कर्षकारी साक्ष्य नहीं मिला है जबकि मरीजो में डेंगू या चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं। चिकित्सा जगत में ऐसा माना जाता है कि तीव्र बुखार और उससे जुड़ी बीमारियां जैसे जोड़ों में तेज दर्द संक्रमण से फैलने वाली बिमारियां हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>पिछले
कुछ दिनों से कोलकाता में एक अज्ञात बुखार के कई रोगी सामने आये है। कुछ रोगियों के रक्त के नमूने पुणे स्थित स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन में जांच के लिए भेजे गये। जांच की रिपोर्ट में सामने आया है कि उनमें से आठ के रक्त में चिकनगुनिया के वायरस हैं। और कोलकाता नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने महानगर में चिकनगुनिया के प्रकोप का खंडन किया है। मेयर परिषद सदस्य (स्वास्थ्य ) अतीन घोष ने बताया कि जिनके रक्त में चिकनगुनिया के वायरस मिले हैं वे कोलकाता के नहीं है। वह इलाज के लिए आयें है और कुछ कोलकाता के बाहर से इस रोग को लेकर आये है।











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