वर्चस्व की लड़ाई में एक और हत्या

राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था सुबेश कुमार सिंह के अनुसार प्रमोद (47) नाम का अपराधी भदौड़ा गांव में अपने एक मित्र धर्मपाल सिंह की तेहरवीं में गया हुआ था। सभी कुछ सामान्य था तथा प्रमोद के साथियों को भी उम्मीद नहीं थी कि तेहरवीं संस्कार के दौरान कोई गोलीबारी हो सकती है। प्रमोद का यह अंदाजा पूरी तरह से गलत था तथा कुछ ही देर में मौके पर करनावल निवासी अपराधी उधम सिंह अपने चार-पांच साथियों के साथ पहुंच गया। लग्जरी वाहन से उतरते ही उधम का प्रमोद से सामना हो गया।
प्रमोद अभी कुछ सोच समझ पाता कि उधम व उसके साथियों ने प्रमोद पर गोलियां बरसा दी। अचानक हुए हमले से प्रमोद को संभलने का भी मौका नहीं मिला और कई गोलियां लगने से उसकी मौके पर मौत हो गयी। प्रमोद की मौत के बाद हत्यारें असलहे हवा में लहराते हुए मौके से फरार हो गए। गांव में हुई इस अपराधिक वारदात के इलाके में दहशत का माहौल है। गांव वाले बुरी तरह से डरे हुए हैं।
लोगों ने इस गोलीबारी की जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने आकर गांव में छानबीन शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि प्रमोद व अभियुक्त उधम सिंह दोनों अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। पुलिस का कहना है कि मृतक का भाई योगेश व उधम सिंह की आपसी दुश्मनी लम्बे समय से चली आ रही है तथा दोनों आए दिन इस प्रकार झड़प होती रहती हैं। पुलिस ने बताया कि प्रमोद के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी है।












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