मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती हैं मायावती: विपक्ष

प्रदेश के पूर्वी इलाकों में बच्चों की जान की दुश्मन मस्तिष्क ज्वर को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद के पत्र पर कटाक्ष करते हुए विपक्ष ने कहा है कि बरसात के दिनो में फैलने वाली इस बीमारी की रोकथाम के सटीक उपाय किये जाने के बजाय दोनों सरकारें रोकथाम के नाम पर केवल रस्म अदायगी कर रही हैं। कुछ महीने पहले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने भी पूर्वांचल का दौरा किया था और इस बीमारी के बढ़ते कहर पर चिंता जतायी थी, बावजूद इसके अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि चिठ्ठियों के नाम पर केन्द्र और राज्य सरकार बुनियादों मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए लगातार राजनीतिक साजिश कर रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूर्वांचल में तीन दशकों से फैली इस बीमारी ने अब तक करीब 32 हजार मासूमों की जान ले ली है। मायावती कभी बुंदेलखण्ड पैकेज को लेकर तो कभी आरक्षण के नाम पर केन्द्र को चिठ्ठी लिखती है जबकि केन्द्र सरकार मनरेगा और केन्द्रीय बजट के कथित दुरूपयोग को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखती है।
उन्होंने कहा कि सच्चाई तो यह है कि दोनों सरकारों ने एक-दूसरे को समर्थन दे रखा है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार को बहुजन समाज पार्टी ने समर्थन दे रखा है बदले में कांग्रेस मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार के आरोपों से बचाने में लगी है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि केन्द्रीय ग्रा य विकास मंत्री जयराम रमेश ने हाल ही में मायावती को पत्र लिखकर मनरेगा में व्यापक पैमाने पर धांधली की शिकायत की थी और इसकी जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आग्रह किया था। चौधरी ने कहा कि यदि केन्द्र वास्तव में इन शिकायतों को लेकर गंभीर है तो उसे चिठ्ठी लिखने के बजाए जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। सपा प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों सरकारें जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।












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