वरूण गांधी ने चुप्पी तोडते हुए दिग्विजय को लिया आडे़ हाथ

उनका आरोप है कि रामलीला मैदान पर हज़ारे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्थन से आंदोलन चलाया। उनके इस दावे का गांधीवादी कार्यकर्ता ने खंडन किया है लेकिन संघ ने इस बात को स्वीकार किया है। गांधी ने काग्रेंस महासचिव को आड़े हाथ लेते हुए ट्विटर पर लिखा है कि भाजपा और हज़ारे-पक्ष के बीच क्या संबंध है? मैं जनलोकपाल विधेयक का घोषित समर्थक हूं लेकिन इसके बावजूद मैंने कभी केजरीवाल, बेदी या अन्ना से बातचीत नहीं की और न ही उनसे कभी मिला।
उन्होंने कहा कि हर भारतीय की तरह, मैं भी भ्रष्टाचार और उससे निपटने वाली व्यवस्था की अक्षमता से तंग आ चुका हूं। दिग्विजय जी को हवा में तीर चलाना बंद कर देना चाहिये। ऐसा प्रतीत होता है कि गांधी ने इस मुहावरे का इस्तेमाल काल्पनिक दुश्मनों पर निशाना साधने या अपराजेय लोगों से लड़ने या निरर्थक संघर्ष करने के संदर्भ में किया है ताकि वह यह बता सकें कि सिंह ऐसी बात पर विवाद उत्पन्न करना चाह रहे हैं जिसका कोई वजूद ही नहीं है। गांधी ने कहा है कि उन्होंने कभी हज़ारे से मुलाकात नहीं की, लेकिन जब गांधीवादी कार्यकर्ता जनलोकपाल के लिये अनशन कर रहे थे तब वह रामलीला मैदान गये थे।












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