हिलेरी क्लिंटन ने अरब देशों से की शांति की अपील
अमेरिका
की विदेश मंत्री ने कहा है कि अरब क्षेत्रा में जारी क्रांति कठिन और अपरिचित तानाशाही और लोकतंत्र के बीच से गुजर रही है इसलिए कुछ देशों में धीरे-धीरे परिवर्तन आ सकता है। क्लिंटन क्लिंटन ने एक साक्षात्कार में कल कहा कि अमेरिका लंबे समय से सीरिया और यमन के पदासीन नेताओं पर हटने के लिए दबाव बनाता रहेगा और मिस्र में शांति को सुनिश्चित करेगा। लेकिन उन्होंने इन देशों के नए दौर में प्रवेश करने को लेकर अत्यधिक उम्मीद के साथ सावधान रहने की बात कही। id="toptextpromo">सीरिया
में सत्ता परिवर्तन के बारे में क्लिंटन ने कहा कि इसके बारे में मैं भविष्यवाणी नहीं करूंगी। यमन में जारी नागरिक संघर्ष के खत्म होने के बारे में भी उन्होंने यही बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश के समक्ष कठिन चुनैतियां हैं। उन्होंने सीरिया में राष्टपति बशर असद के शासन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उन्होंने
कहा कि पूरी तरह से राष्टीय विपक्ष का आंदोलन बनाने के लिए जिसमें अल्पसंख्यकों की महत्वकांक्षा का भी प्रतिनिधित्व हो, सुन्नी प्रदर्शनकारियों को अभी बहुत कुछ करना बाकी है। क्लिंटन ने कहा कि सीरिया के अनेक समूहों का मानना है कि उनका जीवन मौजूदा शासन के मुकाबले असद के बाद के दौर में भी बेहतर नहीं होगा। बहुत से अल्पसंख्यक समूह हैं जो इस बात से चिंतित हैं। उन्होंने असद विरोधी लोगों से अहिंसक ढंग से पेश आने और सीरियाई अल्पसंख्यकों तक पहुंचने की अपील की।











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