काले धन के मुद्दे को लेकर देश भर में दौडेगा अड़वाणी का रथ

आडवाणी ने अपने आवास पर दिल्ली के ग्रामीण इलाकों के लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। 11 अक्तूबर से शुरू हो रही आडवाणी की यात्रा से पहले उनके सम्मान के लिए समारोह का आयोजन किया गया था। आडवाणी ने कहा, पिछले कई साल से मैं कहता आ रहा हूं कि विदेशी बैंकों में खासतौर पर स्विट्जरलैंड में बड़ी मात्रा में काला धन जमा है। उन्होंने पूर्ववतर राजग शासन का जिक्र करते हुए कहा कि स्विस अधिकारियों के साथ विषय को उठाया गया था लेकिन स्विस सरकार ने अपने बैंकिंग गोपनीयता कानूनों के चलते जानकारी देने या धन वापस करने में असमर्थता जताई थी।
हालांकि अमेरिका और यूरोपीय देशों के दबाव के कारण कानूनों में बदलाव किया गया और स्विट्जरलैंड ने इन खातों का ब्योरा देने की मंजूरी दे दी। आडवाणी ने कहा, लोग अकसर हमसे पूछते हैं कि छह साल तक जब हम सत्ता में थे तो काले धन के बारे में हमने क्या किया। मैं उन्हें बताता हूं कि इससे पहले स्विस सरकार ने कभी हमें सूचना की अनुमति नहीं दी। आडवाणी ने कहा, वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों के दौरान मैंने पुरजोर तरीके से काले धन का मुद्दा उठाया था।
उससे पहले मैंने प्रधानमंत्रा मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि स्विट्जरलैंड में बैंक अपने गोपनीयता कानूनों के बावजूद अमेरिका तथा जर्मनी जैसे देशों को धन लौटा रहे हैं तो भारत को उसका काला धन वापस क्यों नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा, मैंने उनसे उन पर दबाव डालने के लिए तथा काला धन वापस लाने के लिए कहा था लेकिन दुर्भाग्य से उन्होंने इस संबंध में कोई फैसला नहीं किया।
और जब मैंने उनसे कम से कम उन भारतीय नागरिकों के नामों का खुलासा करने को कहा जिन्होंने विदेश में धन जमा कर रखा है, जो जानना हमारा अधिकार है, तो उन्होंने यह भी नहीं किया। जारी भाषा वैभव उन्होंने कहा, हालांकि दूसरे कार्यकाल में सत्ता में आये हुए महज दो साल ही हुए हैं। देश में स्थिति बद से बदतर हो गयी है। हर दिन कुछ न कुछ हो रहा है और नये घोटाले सामने आ रहे हैं। सिंह पर निशाना साधते हुए आडवाणी ने कहा कि जब वह प्रधानमंत्रा बने थे तो वह सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करते थे और हालात उस समय इतने बुरे नहीं थे।
आडवाणी ने कहा कि अपनी यात्रा के माध्यम से वह देश को जगाने का प्रयास करेंगे और यह बताएंगे कि दुनिया में पहले नंबर का देश बनने के लिए भारत के पास प्रचुर संसाधन और क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा, लेकिन हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे, हम अत्यधिक निर्धनता नहीं सहेंगे जो देश में आजादी के 64 साल भी व्याप्त है और हम काले धन के मुद्दे को बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाषा












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