अफगानिस्तान-भारत एक दूसरे के और करीब आए

मंगलवार को दो दिनी दौरे पर आए अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई औऱ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच दिल्ली में कई समझौते पर सहमति बनी। इसके तहत भारत और अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एकजुट होकर काम करेंगी। क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित विचार-विमर्श होगा। सुरक्षा के सवाल पर भारत और अफगानिस्तान के बीच हुआ यह समझौता पाकिस्तान के लिए परेशानी का सबब होगा। सामरिक भागीदारी पर हुए ऐतिहासिक समझौते के तहत भारत अब अफगानिस्तान की सेना को न केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा, बल्कि हथियार और अन्य रक्षा उपकरणों की आपूर्ति भी करेगा।
भारत और अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एकजुट होकर काम करेंगी। क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित विचार-विमर्श होगा। सुरक्षा के सवाल पर भारत और अफगानिस्तान के बीच हुआ यह समझौता पाकिस्तान के लिए परेशानी का सबब होगा। तेल और खनिज के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर दोनों देशों के बीच सहमति हुई। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि समझौते से राजनीतिक और सुरक्षा पर सहयोग के लिए एक संस्थागत फ्रेमवर्क स्थापित हो गया है। काबुल में अमेरिकी दूतावास पर हमले और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की कथित भूमिका उजागर होने के तत्काल बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए सामरिक समझौते के कई राजनीतिक अर्थ निकलते हैं। राष्ट्रपति करजई का संकेत स्पष्ट है कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका नकारात्मक है।












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