राष्ट्रपति से मांगी एक परिवार ने इच्छा मृत्यु

रमेश सैनी गंगवा गांव के पास 2500 गज जमीन पर उसकी दाल मिल है। 2002 में फैक्ट्री में काम के लिए कुछ रुपए की जरूरत पड़ी तो गांधी चौक के राजेश से दो लाख रुपए ब्याज पर ले लिए। उस समय दो रुपए प्रति सैकड़ा ब्याज तय हुआ। आरोप है कि रुपए देने से पहले राजेश ने कोरे कागजों व खाली चैक पर हस्ताक्षर करवा लिए। राजेश ने 2003 में उसकी पत्नी दर्शना देवी के नाम से लिए गए ब्लैंक चेक पर दो लाख दस हजार रुपए की रकम भरकर बैंक में लगा दिया। एकाउंट में रुपए न होने पर यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद पत्नी के खिलाफ केस दर्ज हो गया।
बाद में राजेश से इस बारे में बात की तो उसने केस वापस लेने का वादा कर दिया। इस बीच वह किश्तों में रुपए वसूलता रहा, मगर केस वापस नहीं लिया। आखिरकार 25 अगस्त 2009 को कोर्ट ने दर्शना को चार महीने की सजा सुना दी। दर्शाना को चार महीने की जेल हो गई। रमेश का आरोप है कि राजेश दो लाख रुपए के बदले में उससे अब तक करीब सात लाख रुपए वसूल चुका है। शिकायत पर सात फरवरी 2011 में राजेश समेत उसके सात साथी सूदखोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।












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