दुकानदार ने खुद को एसडीएम बता मेडिकल छात्रा से रचायी शादी

छात्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने एमडीएस (मास्टर ऑफ डेन्टल साइंसेस) की पढ़ाई करने वाली छात्रा स्तुति सिंह की मुलाकात रामपुर निवासी अंशुल सक्सेना से मेडिकल कालेज में दो वर्ष पूर्व हुई। अंशुल इलाज के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती हुआ था। अंशुल ने छात्रा से मीठी-मीठी बातें कर दोस्ती बढ़ायी। उसने खुद को उत्तराखंड का एसडीएम बताया तथा कहा कि उसके परिवार को बड़ा कारोबार भी है। स्तुति को अंशुल की बातों पर विश्वास हो गया उसने बगैर किसी जांच पड़ताल के अंशुल से दोस्ती बढ़ा ली। दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ गया।
छात्रा ने आनन-फानन में बिना कुछ सोचे-समझे की आर्य समाज मंदिर में अंशुल से शादी कर ली। शादी के कुछ दिनों के बाद छात्रा अंशुल के साथ उसके घर पहुंची। घर पहुंच कर उसे जो देखने को मिला उसे देख स्तुति के पैरों तल जमीन खिसक गयी। उसने देखा कि अंशुल न तो कोई एसडीएम था और न ही उनका कोई कारोबार है। अंशुल की रामपुर में महज एक मोबाइल की छोटी दुकान है और उसी में पीछे के कमरे में वह रहता भी है। स्तुति को जब असलियत पता चली तो उसने अंशुल के साथ रहने से मना कर दिया। अब क्या था स्तुति का पति होने का दावा करते हुए अंशुल उससे दहेज की मांग करनी शुरू कर दी। यह सबकुछ कई दिनों तक चलता रहा आखिरकार स्तुति सिंह ने अंशुल सक्सेना के खिलाफ चौक कोतवाली में धोखाधड़ी और दहेज उत्पीडऩ की रिपोर्ट दर्ज करा दी।












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