तिहाड़ में घर की सब्जी और दाल बंद

वहीं, मोबाइल का प्रयोग रोकने के लिए 9 जैमर लगा दिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ के समक्ष पेश जेल डीआईजी आरएन शर्मा ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि जेल प्रशासन ने जेल में मोबाइल के प्रयोग पर रोक और जेल से अदालत में पेशी के दौरान बढ़ रही ब्लेडबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
जांच में पता चला है कि कैदियों के परिजन घर से बना खाना लाते हैं जिसमें ब्लेड छिपाकर लाया जाता है। अत: तय किया गया है कि दाल या फिर ग्रेवी वाली सब्जी लाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए जिससे ब्लेड कैदियों तक न पहुंच पाएं। इसके अलावा शेव के लिए भी ब्लेड की अपेक्षा सैंडविच ब्लेड का प्रयोग करने का सुझाव दिया गया है। मोबाइल का प्रयोग रोकने के लिए जेल में 9 जैमर लगा दिए गए हैं, दो लगाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा 21 जैमर लगाने के लिए दिल्ली सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। तिहाड़ में कुल 80 जैमर लगाने की योजना है।
इसके अलावा एक बॉडी स्कैनर ट्रायल के लिए लगाया गया है जिसे स्थायी कर दिया जाएगा। जेल से कैदियों को अदालत में पेशी के दौरान साथ जाने वाले तीसरी बटालियन के जवानों की संख्या काफी कम है जिस कारण रास्ते में हादसा होने पर कैदियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने उनके तर्क को सुनने के बाद दिल्ली पुलिस को तीसरी बटालियन के साथ जवानों को तैनात करने का निर्देश दिया है।
जेल प्रशासन ने कैदियों द्वारा तंबाकू उत्पाद पर रोक लगाने के लिए अब उन्हें खरीदारी के लिए मिलने वाले कूपन को बंद कर दिया है। अब कैदियों को स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे। जेल डीआईजी ने अदालत को बताया कि अमूमन कैदी कूपन अन्य कैदियों को बेचकर उनसे पैसे ले लेते हैं और उसका प्रयोग गुटखा खरीदने में करते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड मिलने के बाद ऐसा बंद हो जाएगा और कैदी स्मार्ट कार्ड से ही खरीददारी कर पाएंगे।












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