हरियाणा में बनाई जाए सिविल सोसायटी -लोकायुक्त

साफ छवि वाले हों सदस्य
भ्रष्टाचार पर नजर रखने के लिए सुझाई गई सिविल सोसायटी या सिविल कमेटी के गठन बारे लोकायक्त ने कहा कि इसमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, युवा वर्ग, ग्रामीण, शहरी तथा प्रत्येक वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। सभी सदस्यों की समाज में साफ छवि होनी चाहिए। समिति का कार्य पूर्ण रूप से पारदर्शी रहे।
सोनीपत बार सदस्यों को स बोधन के दौरान लोकायुक्त न्यायमूर्ति प्रीतम पाल ने कहा कि बार सदस्यों द्वारा गठित की जाने वाली समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता, कनिष्ठ अधिवक्ता तथा सभी वर्गों के प्रतिनिधियों की भागीदारी हो। लोकायक्त ने स्पष्ट किया कि सिविल सोसायटी या सिविल कमेटी पूर्णतया गैर राजनैतिक होनी चाहिए।
लोकायुक्त ने कहा कि प्राप्त शिकायतों की जांच पडताल के उपरान्त उन्होंने सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की जितनी भी सिफारिशें सरकार को की गई, सरकार द्वारा लगभग शत-प्रतिशत मामलों में कार्यवाही अमल में लाई गई।
हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम के तहत जानबूझ कर की गई शिकायत पर 03 वर्ष की सजा तथा 10 हजार रूपये जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कार्यालय की वेबसाईट hrlokayukta.gov.in के माध्यम से भी नागरिकों द्वारा शिकायतें तथा समस्याओं बारे विवरण प्रेषित किया जा सकता है तथा उनके निवारण व निराकरण बारे भी ऑन लाईन जानकारियां ली जा सकती है।












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