अब बांग्लादेशी परिवार बना बाबा रामदेव के गले की फांस

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही ईडी ने उनकी कंपनियों और ट्रस्टों को विदेशी मुद्रा विनिमय कानून (फेमा) के उल्लंघन के मामले में एक बाबा को एक नोटिस भेज कर जबाब मांगा था। सरकार ने कोर्ट की तरफ से भेजे हुए इस नाटिस में 14 सितंबर तक की सीमा तय की है। ऐसे में एक ताजा मामले ने बाबा की मुसिबतों को बढ़ा दिया है। आपको बताते चलें कि बाबा पर आरोप है कि पतंजलि योगपीठ के योग ग्राम में बिना पुलिस को बताए अवैध तरीके से बांग्लादेशी परिवार को रखा गया। इनमें दंपती और उनके पुत्र-पुत्री शामिल हैं।
उत्तराखंड पुलिस ने समन जारी कर 3 दिन के अंदर जबाब मांगा है। पुलिस ने बताया कि बांग्लादेश के बोंकेश भट्टाचार्य अपनी पत्नी संचिता, बेटे और बेटी के साथ रहते हैं। पुलिस ने बताया कि यह परिवार 8 जुलाई को पंतजली योगपीठ पहुंचा था। सूत्रों की मानें तो बोंकेश अपने बेटे के इलाज के लिये भारत आये है। उनके बेटा मानसिक रूप से कमजोर है।
वहीं दूसरी तरफ सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि योगपीठ में उनके रहने का प्रबंध किया गया फिर बोंकेश अपनी पत्नी और बेटे को यहीं छोड़कर बेटी के साथ बांग्लादेश वापस चले गये। ऐसे में बाबा रामदेव अब सरकार से पंगा लेने के बाद चारो तरफ से फंसते नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अगर बाबा रामदेव 3 दिन के अंदर जबाब नहीं देते हैं तो उनपर कार्रवाई की जायेगी और कानूनन गिरफ्तारी भी हो सकती है।












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