राजीव गांधी के हत्यारों को बचाने के लिए सियासत शुरू
सूत्रों ने बताया कि फांसी रद कराने को लेकर तमिलनाडु में सियासी सरगर्मी तेज हो गई हैं। केंद्र का सहयोगी द्रमुक, पीएमके, एमडीएमके और डीएमडीके ने दया याचिका पर पुनर्विचार की मांग की है। श्रीलंकाई तमिल सांसद सुरेश प्रेमचंद्रन ने भी राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को पत्र लिखकर अपनी मंशा जाहिर की है और कहा कि इन तीनों हत्यारों की माफ कर दिया जाना चाहिए।
उधर, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने यह कहते हुए मामले में हस्तक्षेप से इंकार किया है कि उनके पास राष्ट्रपति के आदेश को बदलने की शक्ति नहीं है।
जनता पार्टी के मुखिया सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी कहा है कि फांसी के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले के दोषियों मुरुगन, पेरारिवलन व संतन की फांसी रुकवाने के लिए कोयंबटूर में सोमवार को एमडीएम, पीएमके, वीसीके, एनटीके समेत विभिन्न दलों के कार्यकर्ता व छात्र शहर के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने की कोशिश की। त्रिरुपुर में भी ट्रेन रोकने का प्रयास हुआ। इस मामले में प्रशासन ने 350 लोगों को गिऱफ्तार किया है।
वहीं हत्यारों की ओर से राष्ट्रपति के आदेश की पुनरीक्षा के लिए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिस पर आज सुनवाई होगी। प्रख्यात अधिवक्ता रामजेठमलानी इनके बचाव में उतरेंगे। जेठमलानी ने सजा कम करने के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा, किसी भी व्यक्ति को तब तक दंडित नहीं किया जा सकता, जब तक कानून उसे इसकी इजाजत देता है।वहीं करुणानिधि ने कहा कि यदि सरकार इन तीनों की सजा माफ कर देती है तो कई जिंदगियां बच सकती हैं।













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