भ्रष्टाचार से निपटने के लिए हुडडा ने बनाई खास रणनीति

सीएम हुड्डा का कहना है कि वे भ्रष्टाचार को हरियाणा से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। हुड्डा सरकार रिश्वत लेने और देने वालों के खिलाफ वर्तमान कानून को सख्त बनाने की तैयारी में है। अगर विपक्षी दल होने के नाते इनेलो, भाजपा व हजकां के हजारे को समर्थन का मुद्दा गौण दें तो भी यहां उठी जन आवाज ने सोचने को मजबूर कर दिया। अब अन्ना हरियाणा के गुडग़ांव में इलाज करा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने डॉ.नरेश त्रेहान के जरिए उनकी खैर-खबर भी ली है। साथ ही अन्ना ऐसे शहर गुडग़ांव में हैं,जहां के अधिकांश सरकारी कार्यालयों व ज्यादा अफसरों को लेकर आवाज उठती रही है। यानी अधिकांश कर्मी,अफसर यहां पहुंच वाले या नेताओं के नजदीकी रिश्तेदार हैं जो लंबे समय से जमे हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अन्ना टीम की तर्ज पर हुड्डा टीम क्या सोच होगी यह हुड्डा ने अपने वक्तव्य से सोच स्पष्ट कर दी है। विधानसभा में जोरदार बहस, जींद के पंचायत सम्मेलन में वे भ्रष्टचार खात्मे पर न केवल खुल कर बोले बल्कि अफसरों को चेता दिया। पता चला है कि उन्होंने भी केवल भ्रष्टाचार पर ही अपनी टीम बना ली है जो केवल इसी का निरीक्षण करेगी। चौटाला सरकार में हटाए गए लोकायुक्त को दोबारा मजबूत कर आईपीएस अफसर एवं अन्य सुविधाएं दी है। करीब तीन दर्जन अधिकारी-कर्मचारियों की फाइलें निशाने पर हैं। इनमें बुढ़ापा पेंशन,सिंचाई एवं बिजली, शिक्षा विभाग मुख्य हैं। सभी की ट्रस्ट व सोसाइटियों की जांच, सरकारी अनुदान की जांच एवं भ्रष्ट अफसर व नेताओं पर सीधी नजर रहेगी। वे रिश्वत लेने वाले के साथ देने वाले को भी धरेंगे।
यह होगी हुडडा की संभावित रणनीति
संभावना जताई जा रही है कि अब सभी विभागों के कामकाज व शिकायतों की समीक्षा सीएम करेंगे। शिकायतों की फाइल बनेंगी,जवाब की अवधि तय होगी। पंच से लेकर मंत्रियों तक से सहयोग लिया जाएगा। शिकायतकर्ता सीएम को सीधे शिकायत कर सकते हैं, विशेष अधिकार काम देखेंगे। रिश्वत लेने वाले व देने वाले की सजा में इजाफा के कानून की संभावना है। इसके अलावा लोकायुक्त की सिफारिशों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। मंत्री,विधायक,अफसरों को अब समय पर संपत्ति का ब्योरा देना होगा। जनता से भ्रष्टाचार पर सीधा संवाद व सूचना लेना, भ्रष्टाचार के चर्चित महकमों एवं पब्लिक डीलिंग की सीटों पर विशेष नजर रखी जाएगी तथा साथ ही कर्मी-अफसरों की नियुक्ति की समय-सीमा भी तय हो सकती है।












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