बेशर्मी मोर्चे ने लखनऊ में भी निकाली रैली

राजधानी के गोमतीनगर के वेव सिनेमा से निकलकर करीब दो किलोमीटर चली इस रैली का समापन लोहिया पार्क में हुआ। करीब दौ सौ महिलाओं की इस रैली में 'नो ह्यूमन राइट विदाउट वूमन राइट' के नारे लगाये। रैली में इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाएं चाहे जैसे कपड़े पहने, वह गलत नहीं है। भड़काऊ कपड़े नहीं पुरूष की गन्दी मानसिकता है। रैली की अगुवाई कर रही भावना कपूर ने बताया कि आज हर कामकाजी महिला के साथ घर से बाहर निकलते ही छींटाकशी या अन्य किसी न किसी तरह से दुव्र्यवहार होने लगता है।
महिलाओं के साथ हो रही इन घटनाओं के लिए उन्हें ही दोषी ठहराया जाता है कभी उनके कपड़ों तो कभी उनके व्यवहार को दोषी बता दिया जाता है जो सही नहीं है। महिलाओं के समान अधिकार मिलना चाहिए। रैली में महिलाओं ने इस बात पर भी आपत्ति जतायी कि पुरुष की तुलना में उन्हें आजादी नहीं मिलती। महिलाओं को भी समाज में उतनी आजादी के साथ घूमने-फिरने, उठने बैठने व काम करने का अधिकार है जितना कि पुरुषों को है।
उन्होने कहा कि जब महिलाएं पुरुषों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर समाज के सभी क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही हैं तो ऐसे में कुछ ओछी मानसिकता के लोगों द्वारा उनके कपड़ों को हथियार बनाकर उनकी आजादी छीनने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। सुश्री कपूर ने कहा कि इस बेशर्मी मोर्चा का मुख्य मकसद य महिलाओं को समाज में समान आजादी के साथ घूमने-फिरने व उनके साथ होने
वाले दुव्र्यवहार के खिलाफ जागरूक करना है।












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