सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- 10 रुपये में कैसे देंगे 2400 कैलोरी का भोजन?

ये टिप्पणियां न्यायमूर्ति दलवीर भंड़ारी की पीठ ने गरीबों को अनाज देने के मामले में सुनवाई के दौरान की। सूत्रों ने बताया कि जैसे ही याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठन पीयूसीएल के वकील कोलिन गोंसाल्विस ने कहा कि योजना आयोग ने बीपीएल कैंप के बारे में हलफनामा दायर कर दिया है और उसमें तेंदुलकर समिति की सिफारिश के मुताबिक बीपीएल के लिए प्रति व्यक्ति दैनिक भोजन खर्च की 17 रुपये की दर पर सहमति दताई गई है।
पीठ ने योजना आयोग की ओर से पेश वकील सुनील फर्नांडिस से पूछा कि दस बीस रुपये में क्या 2400 कैलोरी का भोजन आ सकता है। देश में कही भी दस बीस रुपये में 2400 कैलोरी का भोजन नहीं मिलेगा। पीठ के सवाल पर वकील ने कहा कि उन्हें मिले निर्देशों के बाद यह दर बढ़ने वाली है। लेकिन पीठ इन दलीलों से सहमत नहीं दिखा और कहा कि आयोग दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करके अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
उधर, केंद्रीय महिला व बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा तीरथ ने राज्यों में जल्द से जल्द पोषण परिषद गठन करने को कहा है जो इस स्थिति पर नजर रखें। देश में एक लाख से ज्यादा आंगन बाड़ियों की कमी को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि इस कमी को इस साल के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा।
देश के विभिन्न राज्यों के बाल विकास सेवाओं से जुड़े मंत्रियों के तीन दिवसीय सम्मेलन में बच्चों के कुपोषण का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। चूंकि इस काम में सबसे अहम भूमिका आंगनबाड़ियों की है, इसलिए उनकी स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में तीरथ ने कहा कि देश में सभी 13 लाख 67 हजार आंगनबाड़ियों में कुपोषण से निपटने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसके बावजूद अनुसूचित जाति व जनजाति तथा अल्पसंख्यक समुदाय के क्षेत्रों में लगभग एक लाख 33 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की कमी है।
बैठक में तीरथ ने राज्यों से कहा कि बिना उनकी मदद व सक्रियता से कुपोषण से नहीं निपटा जा सकता है। यह गंभीर मामला है और इससे निपटने के लिए राज्यों को भी तेजी से कदम उठाने होंगे। आंगनबाड़ी केंद्र तक वित्तीय व अन्य सहायता के समय पर पहुंचने व उसके वितरण पर पूरी नजर रखी जानी जरूरी है।












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