दिल्ली: गोद लिए बेटे ने मां की संपत्ति पर किया कब्जा
दिल्ली।
वंश बढ़ाने की चाहत में बेटा गोद लेने वालों के लिए सबक है। 73 वर्षीय मां ने अपने गोद पुत्र के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने के मजबूर हो गई हैं। अदालत ने बेटे को अपनी मां के साथ बैठकर समझौता करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने बेटे के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या आपको वृद्ध मां से इस प्रकार का रवैया अपनाना शोभा देता है। खंडपीठ ने बेटे के उस तर्क को खारिज कर दिया कि मां स्नेह वालिया दो बेटियों के बहकावे में आकर उसके खिलाफ कार्रवाई और संपत्ति के लिए लड़ रही है। id="toptextpromo">खंडपीठ
ने कहा कि आपस में बैठकर अपनी समस्या को सुलझाओ। अदालत ने उसे संपत्ति को किराए पर देकर उसका बड़ा हिस्सा मां को देने और कम हिस्सा स्वयं रखने को कहा है। स्नेह वालिया ने कहा कि उसकी दोनों पुत्रियों का विवाह हो गया है। उन्होंने बेटा न होने पर संजय को गोद लिया और उसका विवाह किया। पंचशील पार्क स्थित संपत्ति के भूतल पर वह पति के साथ रहती थी और प्रथम तल पर संजय और उसकी पत्नी। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>दूसरे
तल को किराए पर दिया था और उसका किराया पति-पत्नी को मिलता था, मगर पति की मौत के बाद संजय ने किराएदार को निकालकर उस संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया। आखिर सीनियर सिटीजन पंचाट ने यह संपत्ति उसको सौंपने का निर्देश दिया था। संजय ने चुनौती देते हुए कहा पिता ने मरने से पूर्व उक्त हिस्से को उसके नाम कर दिया था। अत: वह उसका मालिक है और पंचाट के फैसले को खारिज किया जाए।











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