मुंबई धमाके: कहीं बारिश में धुल न जायें सबूत

महाराष्ट्र और केंद्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला दिल्ली की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। सबूत जुटाने का काम जारी है। टीम को अभी तक केरोसीन, अमोनियम नाइट्रेट, केरोसीन, आदि के अवशेष मिले हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यदि बारिश में सबूत धुल गये तो आतंकियों तक पहुंचने में मुश्किल हो सकती है। यही नहीं खोजी कुत्तों को भी सबूत ढूंढ़ने में दिक्कत हो सकती है। कई जगह खून के दाग बारिश से ही धुल गये हैं।
कांच के टुकड़ों के बीच बारूद को छाना जा रहा है। वहीं मिट्टी को छान कर छर्रे और बम के अन्य टुकड़ों को इकठ्ठा किया जा रहा है।
खैर पुलिस और फॉरेंसिक टीमें अपने स्तर से पूरी कोशिशें कर रही हैं। अभी तक प्राप्त सबूतों के मुताबिक एक धमाके में टिफिन बम का इस्तेमाल किया गया है तो दूसरे में टाइम बम का। इन धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का हाथ माना जा रहा है।












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