पीएचडी के लिए अब कामन इन्ट्रेंस कोर्स

सहगल समिति की रिपोर्ट मंजूर करते हुए सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी का कहना है कि विश्वविद्यालयों में छात्रों एवं शिक्षकों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। कार्य पूरा हो जाने के बाद राज्य में शीघ्र ही एक विश्वविद्यालय प्रबंध प्रणाली अस्तित्व में आ जायेगी। उनका कहना है कि शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि का लक्ष्य पाने के लिए न्यूनतम सामान्य पाठ्यक्रम लागू करना आवश्यक है।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह कार्य 15 जुलाई तक पूरा हो जाएगा। श्री त्रिपाठी के अनुसार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शोध की गुणवत्ता में आ रही गिरावाट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है अब राष्ट्रीय स्तर को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है कि कामन इन्ट्रेंस टेस्ट सत्र 2011-12 में ही लखनऊ विश्वविद्यालय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में लागू किया जाय क्योंकि इन विश्वविद्यालयों द्वारा इस विनियमन के आधार पर ही पीएचडी की प्रवेश परीक्षा करायी जा रही है।
शेष विश्व विद्यालयों में जहां विनियमन के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लेने की परीक्षा आयोजित नहीं की गयी है उनमें संयुक्त प्रवेश परीक्षा करायी जायेगी। इस कार्य के लिए डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुलपति प्रो. आर.सी. सारस्वत की अध्यक्षता में एक समन्वय समिति का गठन किया गया है। श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि शासन द्वारा सम्बद्धता सम्बंधित शासनादेश निर्गत किये जाने के बाद वे डिग्री कालेजों को विषयों की सम्बद्धता समयबद्ध रुप से जारी करें ताकि छात्रों को नुकसान न उठाना पड़े।












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