कोर्ट का आदेश, कुर्क कर ली जाए बाल ठाकरे की संपत्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) एसबीएम त्रिपाठी ने सात मार्च 2008 को दायर मामले की सुनवाई करते हुए बाल ठाकरे के खिलाफ कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया। अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह ने 2008 में बाल ठाकरे के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष परिवाद पत्र दाखिल किया था जिसके बाद एसडीजेएम की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है।
राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर उन्हें 'सामना" में प्रकाशित आलेख की जानकारी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने शिवसेना प्रमुख के खिलाफ अदालत की शरण ली थी। उन्होंने बताया कि सुनवाई के लिए बार बार नोटिस तथा जमानती वारंट का जवाब नहीं देने पर ठाकरे के खिलाफ कुर्की जब्ती का आदेश जारी हुआ है।
उल्लखनीय है कि पूर्व में बिहार के रहने वाले लोगों को लेकर बाल ठाकरे ने एक अलग ही मुहिम चला दी थी। इस बात को लेकर महाराष्ट्र में काफी दंगे भी हुए। अब देखना यह है कि अपने मुखपत्र सामना के जरिये किसी पर भी कुछ भी कठाक्ष कर देने वाले बाल ठाकरे पर कोर्ट कितना शिकंजा कस सकता है।
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