स्वामी निगमानंद को जहर देकर मारा गया : कौशलेन्द्र
स्वामी निगमानंद के करीबी स्वामी कौशलेन्द्र ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसी ने स्वामी जी का खून करवाया है। कौशलेन्द्र के मुताबिक स्वामी जी जब अस्पताल में भर्ती थे तो 30 अप्रैल को एक नर्स ने दिन को दो बजे स्वामी जी को एक इंजेक्शन दिया था, जब मैनें उस इंजेक्शन के बारे में पूछा था तो वो एकदम से घबरा गई थी।
वो नर्स कौन थी?
लेकिन उसने बोला कि ये दवाई का इंजेक्शन हैं। लेकिन उसके बाद से ही स्वामी जी की हालत खराब हो गई थी। इसलिए मुझे शक है कि उसी नर्स ने स्वामी जी को जहर दिया है। मैनें उस नर्स को उस दिन के बाद से नहीं देखा, लेकिन मैं दावा करता हूं कि अगर वो सामने आयेगी तो मैं उसे जरूर पहचान लूंगा।
कौशलेन्द्र तके मुताबिक भाजपा गंगा में अवैध खनन करने वालों का साथ दे रही है, वो खुद उनसे मुनाफा कमाती है, वो जान चुकी थी कि स्वामी निगमानंद का अनशन उसके लिए खतरा बन सकता है इसलिए उसने उन्हें मरवा दिया। स्वामी निगमानंद की मौत के दर्द की आवाज दिल्ली पहुंच चुकी है। इस मौत ने बैठे-बिठाये कांग्रेस के हाथ में एख मौका दे दिया है। कांग्रेस ने इस मौत के रहस्य को जानने के लिए सीबीआई जांच की मांग की है। वो भाजपा को हर हालत में घेरना चाहती है।
भाजपा पर लगा हत्या का आरोप
गौरतलब है कि स्वामी निगमानंद पिछले 110 दिनों से गंगा बचाओ अभियान के तहत अवैध खनन रोकने के लिए अनशन पर थे। लेकिन उनके अनशन की आवाज किसी ने नहीं सुनी। स्वामी निगमांद उसी हिमालयन अस्पताल में भर्ती थे जहां बाबा रामदेव का इलाज हो रहा था।
बाबा से मिलने भाजपा के बड़े-बड़े नेता आये लेकिन किसी ने भी स्वामी निगमानंद की सुध नहीं ली और सोमवार को गंगापुत्र ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को उनके करीबियों ने उनकी मौत के पीछे सियासी चाल बताकर इस बात को मीडिया तक पहुंचाया जिसके बाद उनकी मौत पर राजनीति शुरू हो गई है।













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