बाबा रामदेव का भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ अनशन शुरू

इसीलिए इस स्थिति को देखते हुए बाबा रामदेव ने सबसे अपील की है कि आप जहां भी हैं वहीं से समर्थन दे। आप दिल्ली न आएं। आप अपने जिला मुख्यालय में जाकर अपना विरोध जताए। अनशन शुरू करने से पहले बाबा रामदेव ने भजन और योग सत्र का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि यह विरोध प्रदर्शन देश को भ्रष्टाचार से बचाने और गरीबों को बेहतर जीवन देने के लिए है।
बाबा सुबह चार बजकर 50 मिनट पर मंचासीन हुए। उन्होंने विदेशों में जमा काले धन को स्वदेश वापस लाने की मांग पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ' कुछ असंभव नहीं हैं। सब कुछ संभव है और हम जरूर जीतेंगे। ' रामदेव के साथ साध्वी ऋतंभरा के अलावा सिख, जैन और मुस्लिम समुदाय के कई धार्मिक नेता और रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में जमा बाबा के समर्थकों ने भी अनशन की शुरुआत की।
बाबा रामदेव ने अपने अनशन को भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह बताया है। बाबा रामदेव ने कहा है कि उनके इस आंदोलन में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। "हम तक तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं। वैसे शुक्रवार को एक बार ऐसा लगा कि सरकार और बाबा के बीच सहमति बन गई है। पर वह क्षणिक साबित हुई।
रामदेव ने खुद ही कहा था कि एक दो मुद्दे को छोड़कर उनके और सरकार के बीच सहमति बन गई है, लेकिन शाम होते होते सियासत में नए रंग दिखने लगे। बातचीत बेनतीजा होने के बाद वह महात्मा गांधी समाधि स्थल राजघाट गए जहां उन्होंने राष्ट्रपिता को श्रृद्धांजलि दी। उसके बाद उन्होंने रामलीला मैदान का रुख किया जहां भीड़ ने झंडे लहराकर और नारे लगाकर स्वागत किया। आपको बता दें कि बाबा रामदेव को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ ही साथ सपा ने भी बाबा के आंदोलन का समर्थन किया है।












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