क्या आतंकवादी हैं देश के किसान?

नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव के इस प्रश्न का सरकार उत्तर नहीं देना चाहती। समाजवादी पार्टी से विधानसभा में नेता विरोधी दल शिवपाल ङ्क्षसह यादव किसानों से मिलने गाजियाबाद पहुंचे। पुलिस द्वारा पहले उन्हें भट्टा पारसौल जाने से रोक दिया गया। शिवपाल यादव ने जब डासना जेल में बंद भट्टा परसौल के उत्पीडि़त किसानों से मिलने चाहा तो फिर उन्हें इससे मना कर दिया।
जेल अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए उन्हें पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी। श्री यादव ने इसे अपने संवैधानिक अधिकारियों का हनन बताया। राज्यपाल बी.एल. जोशी को ज्ञापन देकर कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में आता है कि वे किसी भी सरकारी कार्यालय में जाएं तथा उसका निरीक्षण करें। वे जेल में भी जा सकते हैं लेकिन प्रदेश में ऐसा नहीं हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष को इससे रोका जा रहा है।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यपाल को दिये ज्ञापन में कहा कि जेल में बंद किसानों से मिलने जा रहे नेता विरोधी दल को दिल्ली से गाजियाबाद पहुंचने पर रोक लिया गया। दो घंटे बाद वह जेल तक पहुंच तो गए लेकिन अधीक्षक ने उन्हें बंद किसानों से मिलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि डासना जेल में बंद भट्टा परसौल गांव के किसान आतंकवादी नहीं हैं जिनसे मिलने के लिए सरकार से अनुमति ली जाए।
श्री यादव ने राज्यपाल से मांग की कि वे मामले में हस्तक्षेप कर निर्देश दें कि सरकार नेता विरोधी दल को जेल में बंद किसानों से मिलने में कोई अवरोध न डालें। ज्ञात हो कि जेल में भीतर न जाने देने पर श्री यादव जेल के गेट पर ही धरने पर बैठे गए थे।












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