हरियाणा में कार में जिंदा जला पूरा परिवार
ये सभी लोग दिल्ली से वृंदावन जा रहे थे। कार उनके आगे चल रहे टैंकर से टकरा गई। इससे कार में आग लग गई। बताया जाता है कि कार सीएनजी गैस पर थी। गुरुवार की शाम गमगीन माहौल में यहां तीनों की अंत्येष्टि की गई। लोकेश अपनी पत्नी और बेटे के साथ दिल्ली के रोहिणी में रहता था। उसका दिल्ली में ही पॉली पैकिंग मैनिफ्क्चयूरिंग का कारोबार है।
वह महीने में दो बार वृंदावन बिहारीजी के दर्शन करने जाता था। बुधवार रात को भी उनका अचानक वृंदावन जाने का कार्यक्रम तय हुआ। रात करीब एक बजे घर से निकले थे। पौने दो बजे पलवल के पास उनकी कार आगे चल रहे टैंकर में पीछे से जा टकराई। कार में धमाके के साथ आग लग गई। इस दौरान लोकेश का मोबाइल उछल कर कार से बाहर गिर गया, मगर कार में सवार तीनों में से कोई बाहर नहीं निकल सका।
वहां से गुजर रहे राहगीर जब हादसा देख कर रुके तो बाहर मोबाइल फोन पड़ा मिला। उसमें मौजूद नंबर मिलाने पर पता चला कि ये लोग हांसी के देबूवाला परिवार के लोग हैं। सूचना मिलने पर तमाम रिश्तेदार और परिचित मौके पर पहुंचे। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को यहां लाया गया। अंत्येष्टि के दौरान रीतू का सिर किस तरफ है ये पता लगाने में भी काफी वक्त लगा।
तीनों के शव बुरी तरह झुलस चुके थे। वे जिस पोजिशन में कार में बैठे थे उसी पोजिशन में ही उनके शव को पोस्टमार्टम के बाद यहां तक लाया गया। मसलन जलने के बाद भी लोकेश की कार के स्टेयरिंग पर ग्रिप बनी हुई थी। कटर से स्टेयरिंग को काटा गया, यहां तक कि लोकेश के हाथ में ही स्टेयरिंग का टुकड़ा अंत तक रहा।













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