ISI के कान मरोड़ने के बाद निकला पाकिस्तान से लादेन

पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी जिसे खुफिया की बजाय आतंकी एजेंसी कहना ज्यादा सही होगा को अमेरिका की शह मिली हुई थी लेकिन 9/11 के हमलों के बाद जब वो उसके लिए ही घातक साबित हो गई को अमेरिका ने ओसामा को कुचलने की ठान ली। ओसामा के साथ-साथ पाकिस्तान में चलने वाले तमाम आतंकी संगठनों के ऊपर आईएसआई का हाथ है इसलिए ओसामा को पकड़ने के लिए आईएसआई पर नकेल कसना जरूरी था। पिछले महीने जब आईएसआई के अधिकारी अमेरिका गए तो अमेरिका ने कड़े तेवर अपनाते हुए आईएसआई को आतंकी संगठन घोषित कर दिया।
इसके बाद आईएसआई मजबूर हो गया कि वो ओसामा को ढूंढने में मदद दे और ओसामा को मार गिराने में आईएसआई को अमेरिका का साथ देना पड़ा। अब सवाल ये है कि अमेरिका किस तरह से पाकिस्तान के साथ पेश आएगा। जाहिर तौर पर अमेरिका का रवैया पाक के लिए नरम तो नहीं होगा मगर क्या भारत में आतंकवाद खत्म करने में इससे फायदा पहुंचेगा।












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